यूपी के 1.42 लाख शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी, जल्द आएगी परीक्षा की रूपरेखा

UP Special TET: उत्तर प्रदेश के करीब 1.42 लाख कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित किए जाने की तैयारी तेज हो गई है। शासन ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को इस परीक्षा की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में लंबे समय से टीईटी की अनिवार्यता को लेकर असमंजस में चल रहे शिक्षकों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विशेष टीईटी में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षक शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने अभी तक टीईटी या सीटीईटी की पात्रता हासिल नहीं की है। इसके अलावा दिव्यांग विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले विशेष शिक्षकों के लिए भी अलग व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है।

विशेष टीईटी क्यों कराई जा रही है?

दरअसल, कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता का मामला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महत्वपूर्ण हो गया है। 29 मई 2026 को State of U.P. vs Anjuman Ishaat-E-Taleem Trust मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी योग्यता जरूरी है। हालांकि, व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए अदालत ने टीईटी हासिल करने की समय-सीमा को बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया।

अदालत ने यह भी कहा कि राज्यों और संबंधित सक्षम प्राधिकरणों को टीईटी नियमित रूप से आयोजित करने का प्रयास करना चाहिए और संभव हो तो साल में दो बार परीक्षा कराई जाए, ताकि शिक्षकों को योग्यता हासिल करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें।

इसी पृष्ठभूमि में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

1.42 लाख शिक्षक विशेष परीक्षा के दायरे में

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, विशेष टीईटी से प्रभावित शिक्षकों की संख्या लगभग 1.42 लाख बताई जा रही है। इसमें प्राथमिक स्तर के करीब 64 हजार और उच्च प्राथमिक स्तर के 76 हजार से अधिक शिक्षक शामिल बताए गए हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 2,500 विशेष शिक्षकों का भी उल्लेख किया गया है। कुल आंकड़ा रिपोर्ट में 1,42,818 तक बताया गया है।

यह संख्या इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये शिक्षक पहले से विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। सामान्य टीईटी में नए अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा देने की स्थिति और कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष परीक्षा की व्यवस्था में काफी अंतर हो सकता है। इसलिए शिक्षक संगठनों और प्रभावित शिक्षकों की नजर अब परीक्षा की आधिकारिक रूपरेखा पर है।

शिक्षा सेवा चयन आयोग तैयार करेगा कार्ययोजना

शासन की ओर से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को विशेष टीईटी के आयोजन से संबंधित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, आयोग को परीक्षा की संभावित व्यवस्था और कार्यक्रम का खाका तैयार करके शासन को उपलब्ध कराना है।

हालांकि, अभी विशेष टीईटी की आधिकारिक परीक्षा तिथि, आवेदन शुरू होने की तारीख, शुल्क, पाठ्यक्रम और विस्तृत पात्रता शर्तों को लेकर अंतिम अधिसूचना का इंतजार है। इसलिए शिक्षकों को सोशल मीडिया या अनधिकृत वेबसाइटों पर प्रसारित तारीखों के आधार पर आवेदन या भुगतान नहीं करना चाहिए।

क्या 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी टीईटी देना होगा?

यह सवाल इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट के 29 मई 2026 के फैसले में सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य योग्यता माना गया है। अदालत ने पहले दिए गए निर्णय की समीक्षा याचिकाओं को खारिज करते हुए समय-सीमा में राहत दी, लेकिन टीईटी की मूल आवश्यकता को समाप्त नहीं किया।

इसका अर्थ यह है कि केवल पुरानी नियुक्ति होने के आधार पर टीईटी से स्थायी छूट मान लेना सही नहीं होगा। प्रभावित शिक्षक विशेष परीक्षा अथवा नियमित टीईटी के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा के भीतर योग्यता हासिल करने की तैयारी कर सकते हैं।

UPTET 2026 से अलग होगी विशेष परीक्षा?

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2026 की नियमित यूपीटीईटी परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के साथ कार्यरत शिक्षक भी शामिल हुए थे।

लेकिन विशेष टीईटी का उद्देश्य अलग दिखाई देता है। यह मुख्य रूप से उन कार्यरत शिक्षकों को अवसर देने के लिए प्रस्तावित है जो टीईटी की अनिवार्यता से प्रभावित हैं। इसलिए विशेष परीक्षा को सामान्य यूपीटीईटी 2026 का दूसरा चरण मानना अभी उचित नहीं होगा। अंतिम स्थिति आयोग की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

शिक्षकों को अभी क्या करना चाहिए?

फिलहाल प्रभावित शिक्षकों को अपने शैक्षणिक दस्तावेज, नियुक्ति से संबंधित रिकॉर्ड और पहले दिए गए टीईटी या सीटीईटी से संबंधित विवरण व्यवस्थित रखने चाहिए। साथ ही यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी है।

विशेष टीईटी का आवेदन शुरू होने पर आवेदन की अंतिम तिथि, परीक्षा शुल्क, पेपर का स्तर, परीक्षा केंद्र और अन्य नियम आधिकारिक नोटिफिकेशन में ही स्पष्ट किए जाएंगे। इसलिए किसी भी एजेंट या अनधिकृत वेबसाइट द्वारा बताई गई जानकारी पर निर्भर करने के बजाय आयोग की वेबसाइट से सूचना की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट: UPESSC Official Website

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