PM SHRI Schools Admission 2026: बढ़ा बजट, फिर भी कम हुआ नामांकन

देशभर में सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के उद्देश्य से शुरू की गई PM SHRI Schools Admission 2026 योजना लगातार चर्चा में बनी हुई है। केंद्र सरकार इस योजना पर बड़ा निवेश कर रही है ताकि छात्रों को स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब, डिजिटल शिक्षा और बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके। इसके बावजूद कई जिलों में विद्यार्थियों की संख्या उम्मीद के अनुसार नहीं बढ़ पाई है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट ने यह संकेत दिया है कि बजट बढ़ने के बावजूद कई पीएम श्री स्कूलों में नामांकन में गिरावट दर्ज की गई है।

पीएम श्री स्कूल योजना का उद्देश्य क्या है?

PM SHRI (Pradhan Mantri Schools for Rising India) योजना का उद्देश्य देश के चुनिंदा सरकारी विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करना है। इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक, डिजिटल संसाधन, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और पर्यावरण अनुकूल परिसर विकसित किए जा रहे हैं।

सरकार का लक्ष्य केवल भवनों का विकास करना नहीं है, बल्कि छात्रों की सीखने की क्षमता और शिक्षा की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाना है। इसी कारण इन स्कूलों के लिए लगातार बजट बढ़ाया जा रहा है।

कई जिलों में नामांकन में आई गिरावट

ताजा आंकड़ों के अनुसार पिछले शैक्षणिक सत्र की तुलना में इस बार कई पीएम श्री स्कूलों में छात्रों का नामांकन कम हुआ है। पहले जहां हजारों छात्रों ने प्रवेश लिया था, वहीं इस वर्ष कुल प्रवेश संख्या में कमी दर्ज की गई है।

कुछ विद्यालयों में पहले की तुलना में दर्जनों छात्रों का प्रवेश कम हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां सीटें उपलब्ध होने के बावजूद अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं आए। इससे शिक्षा विभाग के सामने यह चुनौती खड़ी हो गई है कि बेहतर सुविधाएं होने के बावजूद विद्यार्थी इन विद्यालयों की ओर पर्याप्त संख्या में आकर्षित क्यों नहीं हो रहे हैं।

नामांकन कम होने के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आधुनिक भवन और संसाधन ही किसी विद्यालय की लोकप्रियता तय नहीं करते। कई क्षेत्रों में निजी स्कूलों की बढ़ती संख्या, अभिभावकों की अलग-अलग प्राथमिकताएं, परिवहन की सुविधा, स्थानीय जागरूकता की कमी और विद्यालयों तक पहुंच जैसी समस्याएं भी नामांकन को प्रभावित करती हैं।

इसके अलावा कुछ स्थानों पर नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान जानकारी समय पर लोगों तक नहीं पहुंच पाई। ग्रामीण क्षेत्रों में कई अभिभावकों को अभी भी पीएम श्री योजना के बारे में पूरी जानकारी नहीं है।

सरकार लगातार बढ़ा रही है सुविधाएं

सरकार की ओर से पीएम श्री स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, डिजिटल लाइब्रेरी, खेल संसाधन, स्वच्छ पेयजल, हरित परिसर और अन्य आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

इन स्कूलों में नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रखते हुए कौशल आधारित शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण और तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग के सामने नई चुनौती

बजट बढ़ने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती इन विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाना है। शिक्षा विभाग स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, अभिभावकों से संवाद बढ़ाने और प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने पर विचार कर रहा है।

यदि विद्यालयों की आधुनिक सुविधाओं की जानकारी समय पर लोगों तक पहुंचे और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक परिणाम दिखाई दें, तो आने वाले वर्षों में नामांकन बढ़ने की संभावना काफी अधिक मानी जा रही है।

अभिभावकों को क्या करना चाहिए?

यदि आपके क्षेत्र में पीएम श्री स्कूल संचालित हो रहा है, तो प्रवेश से पहले विद्यालय का निरीक्षण करना, उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेना और संबंधित विद्यालय प्रशासन से प्रवेश प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त करना बेहतर रहेगा। कई स्कूल समय-समय पर प्रवेश से जुड़ी सूचना जारी करते हैं, इसलिए आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

आधिकारिक जानकारी कहां देखें?

पीएम श्री स्कूल योजना और शिक्षा मंत्रालय से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए अभिभावक एवं विद्यार्थी शिक्षा मंत्रालय और PM SHRI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध अपडेट देख सकते हैं। वहीं संबंधित राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रवेश संबंधी सूचना भी नियमित रूप से जांचते रहना चाहिए।

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